पूरा कारख़ाना।
एक सूत्र।
स्टॉक, प्रोडक्शन, GST, मज़दूरी — सब एक ऐप में, आपस में जुड़े हुए।
NEEDS ATTENTION
MONEY IN AND OUT
सच की चार कॉपियाँ
हर कॉपी सच्ची है। मिलाकर देखिए तो झगड़ा — और महीने के आख़िर में फ़ैसला होता है कि झूठ किसका था।
एक बार लिखिए। आगे सब अपने-आप।
माल अंदर लिखा — स्टॉक, बक़ाया और GST ख़ुद बदल जाते हैं। कोई नंबर दोबारा टाइप नहीं होता।
सब कुछ। कारख़ाने की तरह सजा हुआ।
29 स्क्रीन। हर एक बताती है कि वह किसलिए है — और क्या मना करती है।
स्टॉक →
- आइटम और स्टेज
- हाथ में स्टॉक
- गोदाम
- क्वालिटी और क्वारंटीन
ख़रीद →
- परचेज़ ऑर्डर
- सप्लायर को वापसी
- सप्लायर
- ख़र्चे
बनाना →
- प्रोडक्शन रन
- रेसिपी
- जॉब वर्क और चालान
- मशीनें
बेचना →
- सेल्स ऑर्डर और डिस्पैच
- GST बिल
- पेमेंट
- क्रेडिट/डेबिट नोट
बही-खाता →
- डे-बुक
- ट्रायल बैलेंस और P&L
- GSTR-1 और 3B
- रिमाइंडर
लोग →
- हाज़िरी
- मज़दूरी और पर्ची
- वर्कर का अपना पन्ना
- टीम और रोल
मॉड्यूल के पन्ने अभी English में हैं — ऐप पूरी हिन्दी में चलता है।
सॉफ़्टवेयर जो अपना “नहीं” समझाता है
दूसरा सॉफ़्टवेयर महँगी ग़लती जाने देता है। SutraBook रोकता है — और वजह बताता है।
स्टॉक का नंबर टाइप नहीं कर सकते।
नंबर काग़ज़ों से आते हैं। इसीलिए उन पर भरोसा किया जा सकता है।
भेजा हुआ बिल बदल नहीं सकते।
कैंसिल कीजिए, नया बनाइए। कटा हुआ बिल भी अपना नंबर रखता है — सीरीज़ में ख़ाली जगह छुपी बिक्री जैसी दिखती है।
मार्च की पगार दो बार नहीं जा सकती।
मंज़ूर हुआ महीना बंद हो जाता है। दो बार पगार वह ग़लती है जो वापस नहीं होती।
दाम, साफ़-साफ़
एक धंधा, एक दाम — मॉड्यूल के हिसाब से मोल-भाव नहीं। हर सीमा मीटर के साथ दिखती है।
बताइए, आप क्या बनाते हैं।
उसी कामकाजी दिन कॉल बैक — हिन्दी या English, जैसे आप चाहें।
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