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Job work bheja hua maal: kiske paas kitna pada hai?

प्लेटर के पास पड़ा माल आपका है — पर किस स्क्रीन पर दिखता है? और एक साल की घड़ी कौन देख रहा है?

5 September 2026 · 1 min read

दो सौ ब्रैकेट प्लेटिंग के लिए गए। माल अभी भी आपका है — बिका नहीं, सिर्फ़ शहर पार गया है। पर आज पूछिए: किसके पास कितना पड़ा है? जवाब चिट्ठियों की गड्डी में है, या ड्राइवर की जेब में।

तीन बातें जो हर भेजने के साथ चलनी चाहिए

  1. चालान — माल के साथ काग़ज़ जाना क़ानून है (इनवॉइस नहीं! इनवॉइस का मतलब होता बिक्री, और अपने ही माल पर टैक्स)।
  2. घड़ी — GST की धारा 143: एक साल में माल वापस, वरना वह बिक्री मान ली जाती है — टैक्स और ब्याज समेत, उस माल पर जो आज भी आपका है।
  3. हिसाब — लौटा माल महँगा होकर लौटता है: धातु + प्लेटिंग का ख़र्च। ख़राबी घाटे में, प्लेटर के नाम से।

डायरी इनमें से एक भी नहीं कर सकती

स्टॉक रजिस्टर में प्लेटर का माल “है” — पर कहाँ, कब से, कब तक — कुछ नहीं। घड़ी किसी कैलेंडर पर नहीं। और ITC-04 की तिमाही आते ही सब चिट्ठियाँ फिर से गिनी जाती हैं।

एक स्क्रीन पर पूरा जवाब

SutraBook में जॉब वर्कर एक गोदाम है। भेजना ट्रांसफ़र है — माल आपकी क़ीमत में बना रहता है। हर चालान पर लिखा आता है: 365 दिन बाकी या 9 दिन ऊपर। और ITC-04 तिमाही-दर-तिमाही खुद बनता है — आपके चालान, उनके चालान, आमने-सामने।

सुबह एक ही सवाल बचता है: “बाहर क्या पड़ा है?” — और उसका जवाब एक नज़र है, फ़ोन के दस नंबर नहीं।